सेना का ‘ऑपरेशन नमस्ते’, 30 घंटे में आठ लाख मरीज संभालने वाले अस्पताल बनाएंगे जवान

नई दिल्ली (मुकेश कौशिक).सेना भी कोरोनावायरस के खिलाफ लड़ाई के लिए तैयार है। सेना प्रमुख जनरल मनाेज मुकुंद नरवणे ने शुक्रवार काे ऑपरेशन नमस्ते लाॅन्च किया। सभी जवानाें की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। दाे माेर्चाें पर बंदोबस्त किए हैं। पहला, 13 लाख जवानाें काे संक्रमण से बचाना और दूसरा, संक्रमित लाेगाें काे क्वारेंटाइन कर इलाज सुनिश्चित करना। सेना प्रमुख ने सीमा पर तैनात जवानाें काे आश्वासन दिया कि महामारी के इस समय में उनके परिवाराें का ध्यान रखा जाएगा।

एक अधिकारी ने बताया कि पूरी योजना युद्ध स्तर की तैयारी को देखते हुए बनाई है। 24 घंटे के नोटिस पर हम कहीं भी पहुंच जाएंगे। 4 से 6 घंटे के बीच सुसज्जित अस्पताल समेत पूरी व्यवस्था जमीन पर उतार देंगे। 30 घंटे में सेना 8 लाख मरीज संभालने के लिए मॉड्यूलर अस्पताल बना सकती है। वहां सर्जरी तक की सुविधा होगी। अभी सेना के 6 क्वारेंटाइन सेंटर्स में 1059 लाेगाें काे रखा है।

सेना के पास पर्याप्त पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट

रक्षा सेना मेडिकल सेवा के महानिदेशक और ले. जनरल अनूप बनर्जी ने बताया कि सेना को इस महामारी से निपटने में लगाया जाता है ताे हमारी पूरी तैयारी है। सेना के पास पर्याप्त पर्सनल प्रोटेक्शन इक्यूपमेंट हैं। ऐसे और भी उपकरण खरीदने की योजना तैयार है। तीनों सेनाएं चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के तहत एकजुट होकर वायरस से लड़ने के लिए समन्वय कर रही हैं।

सेना के 5 अस्पताल तैयार
सेना, नौसेना और वायुसेना के 5 अस्पतालों में काेराेना की जांच हो सकती है। 6 अन्य अस्पताल इस सुविधा से लैस किए जा रहे हैं। वायुसेना के विमानों से दूरदराज के स्थानों से जांच नमूने लैब तक पहुंचाए जा रहे हैं, जबकि जबकि तटीय इलाकों, खासकर केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और महाराष्ट्र के तटवर्ती इलाकों में नौसेना जुटी हुई है।



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अभी सेना के 6 क्वारेंटाइन सेंटर्स में 1059 लाेगाें काे रखा है- फाइल फोटो।


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