लाशों की ऐसी कतारें कभी नहीं देखी:पहले रोज 7 से 8 शव आते, अब जल रही 30 से 40 चिताएं, अब हाथ कांपने लगे हैं

पेशे से शारीरिक शिक्षक किशन सोनी भी करा चुके हैं 65 अंतिम संस्कार, संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार करने वाले बोले-

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